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भूलकर भी इस दिशा में ना लगाए बगीचा।Don't plant a garden in this direction even by mistake.

भूलकर भी इस दिशा में ना लगाए बगीचा।Don't plant a garden in this direction even by mistake.

 

भूलकर भी इस दिशा में ना लगाए बगीचा।

 
 

भूल कर भी इस दिशा में ना लगे बगीचा।                               

आज के इस नए लेख में हम बताएंगे कि भूलकर भी इस दिशा में ना लगाए बगीचा। 
दुनिया में अधिकतर लोगों को हरा भरा वातावरण ज्यादा अच्छा लगता है जिससे लोग पेड़ पौधे लगाते रहते हैं या बगीचा लगते हैं। लेकिन इसमें कुछ बात का ध्यान देना चाहिए जिसके बारे में बहुत कम लोगों को पता होता है।आज के इस लेख में लोगों के जीवन को सूखी समृद्धि बनाने के लिए वास्तु सुझाव के आधार पर जानकारी दी जा रही है जिसे हर व्यक्ति को जानना चाहिए। इससे संबंधित जानकारी कुछ इस प्रकार हैं। 
 
  • घर के बीचो-बीच पेड़ न लगाए। 
  • अपने घर में फलदार पेड़ ना लगाए और ना ही दूध वाले पेड़ लगाने चाहिए। 
इसमें अपवाद स्वरूप कुछ पेड़ ऐसे हैं जिन्हें आप अपने घरों में लगा सकते हैं जैसे फल वाले पेड़ों में अनार का पेड़ जिसे पूर्व ,दक्षिण या आग्नेय दिशा में लगा सकते हैं लेकिन घर के सामने लगाना चाहिए।  
फलों में नारंगी अर्थात ऑरेंज का भी पेड़ आप लगा सकते हैं। दूध वाले पेड़ों में आक या मदार का पेड़ लगा सकते हैं इन्हें घर के सामने लगाना चाहिए। 

 

बगीचा लगाने के बारे में आप दो बातों का ध्यान देना जरूरी होता है। 

  • पहली बात  -  आग्नेय, नेऋत्य, वायव्य कोण में कभी भी बगीचा नहीं लगना चाहिए और ना ही अनार के पेड़ को कभी दक्षिण-पूर्व में लगाए यदि लगाना हो तो घर के सामने लगाए। 
 
  • दूसरी बात  - बगीचा के लिए जो दिशा बताई गई हैं उसके आलावा यदि इस दिशा में बगीचा लगते हैं तो यह शुभ नहीं माना जाता है क्योंकि इस दिशा में लगाया गया बगीचा अल्प आयु , संतान-हानि और लोक परलोक में हानि देने वाला होता है। 
बगीचा लगाने की सही दिशा उत्तर-पूर्व, ईशान कोण ठीक है और सही माना जाता है। क्योंकि इस दिशा में बगीचा लगाने से लोग धार्मिक,मृदु भाषी, दानी होने साथ-साथ सुख वैभव और सभी प्रकार के शुभ और उन्नति को प्राप्त करते हैं। 
पेड़ पौधे हमारे जीवन से संबंध रखते हैं क्योंकि अच्छा पर्यावरण इन्हीं के द्वारा संभव हो सकता है। 
अतः ऐसी जानकारी हमारे चैनल पर समय समय पर  दी जाती रहती है जिससे विश्व में स्वस्थ मानव समाज का निर्माण हो सके।

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